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हार्दिक पांड्या एक घमंडी बल्लेबाज क्यों लगाते हैं | T20 World Cup

आज t20 वर्ल्ड कप 2026 भारत बनाम नीदरलैंड मैच के आखिर में जब शिवम दुबे सिक्स लगाते हुए कैच आउट हो गए तब मैदान पर रिंकू सिंह आते हैं। रिंकू सिंह अपने आप में एक जोरदार प्लेयर हैं, हम सब ने उनके सिक्स हीटिंग एबिलिटी को देखा है। और कई बार तो वह सबसे बेहतरीन कर पाने में भी सफल रहे हैं। फिर भी यदि देखें तो रिंकू सिंह हमेशा उस स्थान के लिए जहां उन्हें खिलाया जाना चाहिए, उपेक्षित रहे हैं। उन्हें वह स्थान नहीं मिलता। यूं कहें की भरपूर खेलने के लिए उन्हें नहीं मिल पाता है। आज भारत जब नीदरलैंड के खिलाफ इस मैच को खेल रहा है। रिंकू सिंह को केवल चार बॉल खेलने के लिए आखिरी के ओवर में उतारा गया। दूसरी ही गेंद खेलते हुए रिंकू सिंह ने एक सिक्स लगाया तीसरी गेंद मिस हो गई, कीपर के पास जाकर गिरी तो नॉन स्ट्राइकर एंड से हार्दिक पांड्या तेज दौड़कर रन ले लिए रिंकू सिंह को स्ट्राइक छोड़नी पड़ी और दूसरी तरफ दौड़ लगानी पड़ी। हार्दिक पांड्या का यह मिजाज टीम के लिए कितना बेहतर रहा यह तो ऐसा था की आखिरी गेंद में वे कैच आउट हो गए। जहां उनका यह मानना था कि वह मैदान पर कुछ लंबा समय बिता चुके हैं और आखिरी गेंद को सर्वश्...
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ए०आई० भविष्य के लिए संभावना है किंतु चुनौतियां कम नहीं!

क्या ए आई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जिसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहा जाता है भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। बहुत से लोगों के रोजगार को समाप्त कर देगा, जैसा कि शुरुआती दौर में दिखता है और हम अनुमान लगा सकते हैं कि ए आई या कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे चीजों को सरल बना देता है। एक साधारण से स्कूल कॉलेज के प्रोजेक्ट को जो विद्यार्थी के लिए तो एक चुनौती ही होती है कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से आसानी से इसे बनाया जा सकता है और बड़ी मात्रा में विद्यार्थी इसका उपयोग कर रहे हैं किंतु इसका बढ़ता उपयोग निश्चित रूप से विद्यार्थियों को आक्रमण्य और अनुशासनहीन बना रहा है। इससे चीजों में सरलता तो आई है किंतु विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए वह चिंतन मंथन कर ही यदि अपने प्रयोग और फाइल इत्यादि को बनाएं तो अधिक उचित होगा। भारत ए आई का समिट 2026 भी जारी है। और इसमें अलग-अलग प्रकार से ए आई के बढ़ते उपयोग को समाज के लिए उचित बनाने को लेकर बातें की जा रही है। ऐसा संभव भी है कि समय के साथ अपनी नीतियों के चलते हम ए आई पर नियंत्रण रखते हुए उसे सही उद्देश्य के लिए शक्तिशाली माध्यम बना सके जैसा की अनियंत्रित रू...

Birendra Godiyal को विज्ञान एवं शिक्षा प्रसार सम्मान 2025 में किया गया सम्मानित

  श्री वीरेंद्र दत्त गोदियाल को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकोस्ट के द्वारा आयोजित 20वीं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांफ्रेंस के अंतर्गत विज्ञान एवं शिक्षा प्रसार सम्मान 2025 में सम्मानित किया गया। उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण में किए गए कार्यों को पहचान देते हुए उन्हें ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।। वीरेंद्र दत्त गोदियाल राजकीय जूनियर हाई स्कूल पाटुली, पौड़ी गढ़वाल में शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे हैं। उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयासों के लिए एक समलौंण आंदोलन चलाया गया। इसी आंदोलन के अंतर्गत उन्होंने विद्यालय से समाज तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता की मुहिम चलाई। विद्यालय में छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और गांव गांव तक इस आंदोलन के चलते पर्यावरण संरक्षण का संदेश सारे गांव समाज को पर्यावरण की शिक्षा का एक विद्यालय बनाता है। समलौंण आंदोलन में किसी अवसर पर वृक्षारोपण यादगार पौधा लगाया जाता है। समलौंण का तात्पर्य ही याद से है, जन्मदिन, मुंडन, शादी, वार्षिक पिंडदान इत्यादि सभ...

Ganesh Godiyal के नेतृत्व में उत्तराखंड कांग्रेस की उड़ान

उत्तराखंड में कांग्रेस की ताकत एक बार फिर से गणेश गोदियाल के साथ महसूस हो रही है। हालांकि ताकत का एहसास गणेश गोदियाल के नेतृत्व में इससे पूर्व के विधानसभा चुनाव के दौरान भी महसूस की गयी थी, और लोकसभा चुनाव के समय पर इसी प्रकार से कांग्रेस का एक जोरदार पक्ष समर्थक नजर आ रहा था। किंतु यह वोटो में तब्दील नहीं हो सका, इसके पीछे क्या कारण है वह एक लंबी चर्चा है। कम से कम लोकसभा चुनाव में गढ़वाल सीट से जरूर मुकाबला अनुमान किया जा रहा था। प्रदेश में कई मुद्दों ने और उन मुद्दों पर संबंधित वर्ग के आंदोलन ने राजनीति तेज की है, सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। और इन आंदोलन को विपक्ष ने जन समर्थन हासिल करने की एक दवा के तौर पर उपयोग भी किया है। जो कांग्रेस के हाथों से छटकता रहा। जैसे उपनल कर्मियों को लेकर नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का यह बयान कि हम सरकार में आते ही आपका नियमितीकरण तुरंत प्रभाव से करेंगे। उधर गैरसैंण राजधानी को लेकर भी कांग्रेस का रुख बिल्कुल साफ नजर आया है, की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी हमने बनाई और पूर्ण राजधानी भी हम ही बनाएंगे। इस तरह से कांग्रेस क्षेत्रीय दलों की उसे...

Bihar election results | NDA की जीत महागठबंधन की करारी हार

बिहार के विधानसभा चुनाव का परिणाम अब सामने है। एनडीए सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत लेकर आया है। यह बहुमत के आंकड़े को पार कर चुका है। बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की आवश्यकता होती है लेकिन एनडीए का गठबंधन इस समय पर 200 का आंकड़ा छू रहा है। और अब लगभग तय हो चुका है, कि गठबंधन 200 या अधिक सीटें लेकर सरकार गठित कर रहा है। यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है जो एनडीए को प्राप्त हुई है 2010 के बाद। 2010 में भी इसी प्रकार का जनमत देखने को मिला था। बात अगर जदयू की करें तो इस समय पर जेडीयू अपने पिछले प्रदर्शन से दुगना लगभग 85 सीटों पर जीत हासिल कर रही है। बीजेपी 90 या उससे आगे पहुंच चुकी है। वही बात लोजपा की करें जो 29 सीटों पर चुनाव लड़ती है, और इस समय पर 19 सीट जीत हासिल करने के कगार पर है। नरेंद्र मोदी ने चिराग पासवान पर विश्वास जताया उनकी मांग के अनुसार उन्हें 29 सीटें दे दी सभी इस बात पर चर्चा कर रहे थे, कि यह कुछ अधिक सीटें चिराग पासवान को सौंप दी गई हैं। लेकिन उसके बावजूद भी चिराग पासवान ने अपने विश्वास को बनाए रखा, और अच्छी संख्या में सीट हासिल की। यदि विपक्षी गठबंधन की बात करें त...

Bihar election result : बिहार में इस गठबंधन को मिल रही बंपर जीत | 16 एग्जिट पोलों ने साफ किया

बिहार दूसरे चरण की वोटिंग पूरी हो जाने के बाद एग्जिट पोल अब नतीजे दिखा रहा है। जहां एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल में एनडीए को 154 सीटें हासिल हुई हैं। वहीं 83 सीटें महागठबंधन को प्राप्त हो रही है, और अन्य को 6 सीटें प्राप्त हुई हैं। बिहार में नई-नई राजनीतिक पार्टी जन सुराज उतनी असरदार नहीं रही। जिन्हें 3 से 5 सीट हासिल हो रही हैं। यह लगभग 16 एग्जिट पोल के नतीजे का समेकित निर्णय है। सभी में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटों पर चुनाव हुआ है। दो चरणों में चुनाव हुए और 14 नवंबर को बिहार चुनाव का परिणाम सामने होगा। पिछले चुनाव में एनडीए को 125 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वही महागठबंधन को 110 सीटों पर जीत प्राप्त हुई थी। अन्य को 8 सीटें प्राप्त हुई इस आधार पर यदि एग्जिट पोल के नतीजे को देखा जाए तो एनडीए को पिछले परिणाम की अपेक्षा 29 सीटों का लाभ की आकांक्षा इस समय पर है। और महागठबंधन को 28 सीटों के नुकसान का अनुमान है। हालांकि इस समय पर बिहार में हुई बंपर मतदान ने लोगों के रुझान को दर्शाया है, यह भी बात हुई कि यह महागठबंधन के पक्ष में और...

कौन बनेगा मुख्यमंत्री बिहार | राहुल मछली पकड़ते दिखे

बिहार में 14 नवंबर को चुनाव के परिणाम सामने होंगे। और नए मुख्यमंत्री भी तय हो जाएंगे। साफ तौर से विपक्षी महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार किया गया है। महागठबंधन में बिहार के चुनाव में तेजस्वी यादव ही नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि एक बड़ी पार्टी कांग्रेस उनके साथ है, लेकिन कांग्रेस का प्रभाव बिहार के राजनीति में कुछ कमजोर होता रहा है। उतनी ही मजबूत आरजेडी होती रही इससे पूर्व के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन न होने के चलते आरजेडी सरकार बनाने में असफल हो गई। हालांकि राजद ने अपने स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया अच्छी सीटें भी लेकर आई। लेकिन कांग्रेस से जितनी सीटों के आशा थी, क्योंकि वह प्राप्त न हो सकी इसलिए तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री बनने का सपना यूं ही रह गया। लेकिन इस बार रणनीति को कुछ अधिक मजबूत बनाने की कोशिश की गई है, लगभग सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर एक महागठबंधन तैयार किया गया है। किसी भी राजनीतिक दल को ना छोड़ा जाए जिससे आरजेडी को किसी भी सीट पर नुकसान हो सके। अंतिम रूप से इस रणनीति का परिणाम 14 नवंबर को साफ हो जाएगा। जिन अतिरिक्त दलों क...