Trump के अधूरे सपने | अपने ही निर्णय में घिरे हैं ट्रंप और विश्व राजनीति अधर में
जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनकर आए तो उन्हें स्वयं से किसी भी अन्य की अपेक्षा यहां तक कि उनके वोटरों की अपेक्षा भी ज्यादा उम्मीद थी वह दुनिया को एक बार फिर से अमेरिका से संचालित करना चाह रहे थे। उनका यह मानना था कि दुनिया उनके शक्ति को स्वीकार करेगी मानेगी कि अमेरिका विश्व शक्ति है सुपर पावर है जैसा कि वास्तव में है भी किंतु एक कड़वा सच यह है कि अब दुनिया अमेरिका से संचालित नहीं हो सकती या किसी भी एक देश से नहीं शक्तियों का तीव्र विघटन हो चुका है। पूरे विश्व में कई देश विशेषकर चीन रूस भारत और इस युद्ध के बाद ईरान भी श्रेणी में होगा जो शक्तिवान कहे जाएंगे। रूस, चीन और ईरान ने तो अमेरिका के प्रभुत्व को सीधे चुनौती दी है। यह इस युद्ध में साफ दिखा है। डोनाल्ड ट्रंप एक उत्साहित नेता लगते हैं जिनके बयानों में बहुत आत्मविश्वास है किंतु धरातल पर स्थितियां फीकी नजर आती हैं अमेरिका को सर्व शक्तिमान सिद्ध करने की राह में डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को विश्व के सामने उसकी हद तक ले आए हैं जहां ईरान जैसे देश सर्व शक्तिमान के सम्मुख भी झुकने से इनकार कर देते हैं इसमें कोई दोहराई नहीं कि ची...