श्री वीरेंद्र दत्त गोदियाल को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकोस्ट के द्वारा आयोजित 20वीं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांफ्रेंस के अंतर्गत विज्ञान एवं शिक्षा प्रसार सम्मान 2025 में सम्मानित किया गया। उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण में किए गए कार्यों को पहचान देते हुए उन्हें ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।। वीरेंद्र दत्त गोदियाल राजकीय जूनियर हाई स्कूल पाटुली, पौड़ी गढ़वाल में शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे हैं। उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयासों के लिए एक समलौंण आंदोलन चलाया गया। इसी आंदोलन के अंतर्गत उन्होंने विद्यालय से समाज तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता की मुहिम चलाई। विद्यालय में छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और गांव गांव तक इस आंदोलन के चलते पर्यावरण संरक्षण का संदेश सारे गांव समाज को पर्यावरण की शिक्षा का एक विद्यालय बनाता है। समलौंण आंदोलन में किसी अवसर पर वृक्षारोपण यादगार पौधा लगाया जाता है। समलौंण का तात्पर्य ही याद से है, जन्मदिन, मुंडन, शादी, वार्षिक पिंडदान इत्यादि सभ...
उत्तराखंड में कांग्रेस की ताकत एक बार फिर से गणेश गोदियाल के साथ महसूस हो रही है। हालांकि ताकत का एहसास गणेश गोदियाल के नेतृत्व में इससे पूर्व के विधानसभा चुनाव के दौरान भी महसूस की गयी थी, और लोकसभा चुनाव के समय पर इसी प्रकार से कांग्रेस का एक जोरदार पक्ष समर्थक नजर आ रहा था। किंतु यह वोटो में तब्दील नहीं हो सका, इसके पीछे क्या कारण है वह एक लंबी चर्चा है। कम से कम लोकसभा चुनाव में गढ़वाल सीट से जरूर मुकाबला अनुमान किया जा रहा था। प्रदेश में कई मुद्दों ने और उन मुद्दों पर संबंधित वर्ग के आंदोलन ने राजनीति तेज की है, सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। और इन आंदोलन को विपक्ष ने जन समर्थन हासिल करने की एक दवा के तौर पर उपयोग भी किया है। जो कांग्रेस के हाथों से छटकता रहा। जैसे उपनल कर्मियों को लेकर नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का यह बयान कि हम सरकार में आते ही आपका नियमितीकरण तुरंत प्रभाव से करेंगे। उधर गैरसैंण राजधानी को लेकर भी कांग्रेस का रुख बिल्कुल साफ नजर आया है, की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी हमने बनाई और पूर्ण राजधानी भी हम ही बनाएंगे। इस तरह से कांग्रेस क्षेत्रीय दलों की उसे...